“हर किसान-एक बागवान” मध्यप्रदेश का सपना

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मध्यप्रदेश का सपना है ‘हर किसान-एक बागवान’। चेंज लीडर सृजन के सीईओ श्री प्रसन्न खेमरिया ने यह बात अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एव नीति विश्लेषण संस्थान में व्याख्यान माला ‘असरदार परिवर्तन टिकाऊ परिणाम’ में ‘लर्निंग एण्ड चेलेंजेज फ्राम डाउन-सीजिंग हार्टिकल्चर मॉडल्स इन मध्यप्रदेश’ पर बोलते हुए कही।

संस्थान के महानिदेशक श्री आर. परशुराम ने कहा कि परिवर्तन की प्रक्रिया को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा‍कि चेंज लीडर फोकस्‍ड और विजनरी होते हैं। उनमें लोगों को प्रेरित करने, माइंड सेट बदलने तथा सीमाओं से आगे बढ़कर कार्य करते की क्षमता होती है।

चेंज लीडर श्री खेमरिया ने कम वर्षा वाले क्षेत्रों में छोटे बगीचे के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के बारे में बताया उन्होंने बताया कि 3 साल में आम के पेड़ों में फल लगने लगते हैं। श्री खेमरिया ने कहा कि 40 से 80 तक आम के पेड़ों से लगभग 50 हजार रूपये तक की वार्षिक आय हो सकती है।

बगीचा बुढ़ापे का सहारा

श्री खेमरिया ने बताया कि बगीचों को पुरूष किसान आय का स्त्रोत और महिलाएँ इसे बुढ़ापे का सहारा मानती हैं। उनका कहना है कि उद्यानिकी के विकास के लिए जरूरी है कि एक किसान दूसरे किसान को अपनी सफलता के बारे में बताये। श्री खेमरिया ने कहा कि योजना की सफलता के लिये कोलेब्रेशन, कोआर्डिनेशन और कन्वर्जेंस जरूरी है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में छिन्दवाड़ा, टीकमगढ़ और अनूपपुर के लगभग 122 ग्रामों में किसान फलोत्पादन का कार्य कर रहे हैं। अभी तक 7 हजार से अधिक फलदार पौधे लगाये जा चुके हैं। श्री विवेक शर्मा ने बाड़ी कार्यक्रम के बारे में बताया।

श्री खेमरिया ने श्रोताओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। संस्थान के सलाहकार श्री गिरीश शर्मा ने व्याख्यान माला का संचालन किया। संस्थान के सलाहकार श्री एम.एम. उपाध्याय, श्री मंगेश त्यागी तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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